चरित्र निर्माण एवं समग्र व्यक्तिगत विकास विषय पर शनिवार को आर्यभट कॉलेज में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के तत्वावधान में किया गया I कार्यक्रम की शुरुवात माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके की गयी I
कॉलेज के निदेशक डॉ अमित शास्त्री जी ने इस कार्यशाला की जानकारी देते हुए सभी वक्ताओं का स्वागत किया I कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री अतुल कोठारी जी, महासचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं डॉ. जयेंद्र जादव प्राध्यापक कॉमर्स कॉलेज गुजरात रहे I
श्री अतुल कोठारी जी ने कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों को ॐ की अनुभूति प्राणायाम द्वारा करवा कर की तत्पश्चात कार्यशाला में चरित्र निर्माण में सहायक पंच कोश से अवगत कराया तथा उनसे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी उन्होंने अन्नमय कोश, प्राणमय कोश, मनोमय कोश, विज्ञानमय कोश और आनंदमय कोश के बारे में बताया गया तथा शिक्षा के महत्त्व व भारतीय संस्कृति के उत्थान विषयों पर चर्चा हुई I
जयेंद्र जाधव जी ने प्राणमय कोश व विज्ञानमय कोश के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा विभिन्न प्रयोगों द्वारा इन्हें समझाया दुर्गाप्रसाद जी ने बताया की चरित्र निर्माण के लिए सबसे बड़े आदर्श हनुमान जी हैं जिनके जीवन के प्रेरक घटनाओं से हम सीझ कर अपना चरित्र निर्माण कर सकते हैं
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य महोदय डॉ. एस. के. माथुर ने सभी अतिथियों का धन्यवाद् किया एवं इस विषय की महत्वता को भी समझाया एवं इस कार्यक्रम के मंच का संचालन सुश्री येशस्वी बड़ोलिया द्वारा किया गया I